दुर्ग। फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के सहारे सेल्फ ड्राइव पर अर्टिगा वाहन किराये पर लेकर उसे बेचने की कोशिश करने के मामले में खुर्सीपार पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
आरोपित ने अपनी पहचान राजकुमार सुरेश विश्वकर्मा के रूप में बताई थी, लेकिन पूछताछ में उसका वास्तविक नाम शुभम अनिल रामटेके निवासी जरीपटका, नागपुर सामने आया।
पीड़ित किराये पर सेल्फ ड्राइव वाहन उपलब्ध कराता है
खुर्सीपार पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार करमसेन नयापारा नांदघाट निवासी हिमांशु वैष्णव ने शिकायत दर्ज कराई है। हिमांशु दुर्ग के सिंधी कॉलोनी रोड स्थित मां भवानी सेल्फ ड्राइव एंड ट्रैवल्स का संचालन करता है और किराये पर सेल्फ ड्राइव वाहन उपलब्ध कराता है।
आरोपी ने खुद को रायपुर रेलवे में ड्राइवर बताया
शिकायत के मुताबिक 31 अगस्त को एक व्यक्ति उसके पास पहुंचा और अपना नाम राजकुमार सुरेश विश्वकर्मा बताते हुए खुद को रायपुर रेलवे में ड्राइवर बताया। उसने दो दिनों के लिए चारपहिया वाहन किराये पर लेने की बात कही और प्रतिदिन दो हजार रुपये किराया देने पर सहमति बनी।
आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत किए
इसके बाद इकरारनामा तैयार कर हिमांशु ने मारुति सुजुकी अर्टिगा क्रमांक सीजी 10 बीई 6250 उसे किराये पर दे दी। आरोपित ने पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत किए थे। बाद में दस्तावेजों की जांच और जानकारी लेने पर हिमांशु को इनके फर्जी अथवा संदिग्ध होने की आशंका हुई।
छावनी ओवरब्रिज के नीचे निखिल होटल के पास पकड़ लिया
इसी दौरान नंदिनी रोड छावनी स्थित संतोष मोटर्स के संचालक संतोष साव ने हिमांशु को सूचना दी कि एक अर्टिगा वाहन सस्ते दाम पर बेचने के लिए लाया गया है और वाहन स्वामी का नाम नेल्सन जानसन बताया जा रहा है। हिमांशु और संतोष साव ने संदिग्ध व्यक्ति का पीछा किया और छावनी ओवरब्रिज के नीचे निखिल होटल के पास उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना वास्तविक नाम शुभम अनिल रामटेके बताया। उसके पास वाहन की कथित फर्जी आरसी भी मिली। पुलिस ने मामले में आरोपित शुभम अनिल रामटेके के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

