DRDO का बड़ा विस्फोट टेस्ट, आसमान से छूटा हाई कैलिबर बम; थर्रा उठी धरती, लाइव ट्रायल 100% सफल

पंचकूला के रामगढ़ में डीआरडीओ की इकाई टीबीआरएल द्वारा हाई कैलिबर बम का सफल लाइव ट्रायल संपन्न किया गया है। वायु सेना के आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस परीक्षण के दौरान प्रशासन ने भानू और बिल्ला गांवों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

पंचकूला। जिला अंतर्गत रामगढ़ में संचालित डीआरडीओ की प्रतिष्ठित इकाई टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (TBRL) में रविवार को हाई कैलिबर बमों का एक बेहद महत्वपूर्ण और लाइव परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी यह बड़ी सैन्य गतिविधि भारतीय वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों की सीधी मौजूदगी और कड़ी तकनीकी निगरानी में संपन्न कराई गई। इस संवेदनशील परीक्षण की संवेदनशीलता को भांपते हुए टीबीआरएल प्रबंधन, स्थानीय जिला प्रशासन और मुस्तैद पुलिस महकमे ने पूरे क्षेत्र में पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया था। सैन्य परीक्षण के दौरान किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए आस-पास के सभी रिहायशी क्षेत्रों में तगड़ी नाकेबंदी कर विशेष सुरक्षा निगरानी तंत्र स्थापित किया गया था।

सैन्य अफसरों की निगरानी में परीक्षण

इस हाई-टेक सैन्य ट्रायल को अमलीजामा पहनाने से पूर्व वैज्ञानिकों और सुरक्षा बलों द्वारा यह गंभीर आशंका व्यक्त की गई थी कि भीषण विस्फोट के चलते घातक बम के मलबे और टुकड़े करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे तक हवा में जा सकते हैं। इसी संभावित खतरे को समय रहते टालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर रामगढ़ रेंज के आस-पास के लगभग 2 किलोमीटर के पूरे मैदानी क्षेत्र को बेहद संवेदनशील रेड जोन घोषित कर दिया गया था। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने मुनादी करवाकर विशेष रूप से भानू और बिल्ला गांवों के तमाम निवासियों को सख्त हिदायत देते हुए परीक्षण के समय अपने-अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित रहने के कड़े निर्देश जारी किए थे।

भानू और बिल्ला गांव में अलर्ट

इस ऐतिहासिक धमाके के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक आलाधिकारियों की संयुक्त टीमें पूरे ट्रायल स्थल पर मुस्तैदी से तैनात रहीं। मुख्य सैन्य अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह जटिल परीक्षण पूरी तरह से आशा के अनुरूप सफल रहा है और इसे रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी कड़े सुरक्षा मानकों के दायरे में रहकर ही सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। सबसे बड़ी और राहत की बात यह रही कि इस महाविस्फोट और तकनीकी लाइव ट्रायल की पूरी प्रक्रिया के दौरान पूरे क्षेत्र से किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।

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