पूर्णिया। जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। केनगर थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवती द्वारा अपनी पसंद के लड़के से कोर्ट मैरिज करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी जिंदा अर्थी निकालकर ‘अंतिम संस्कार’ कर दिया। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय रिया (बदला हुआ नाम/मूल नाम रिया) पार्ट-1 की छात्रा है। उसका पिछले तीन साल से गांव के ही 24 वर्षीय युवक मिनल कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के घरों के बीच की दूरी महज 100 मीटर है। कॉलेज आने-जाने के क्रम में दोनों की अक्सर मुलाकात होती थी और देखते ही देखते यह रिश्ता प्यार में बदल गया। इसके बाद, 8 सितंबर को रिया ने घर से भागकर दूसरी जाति के अपने प्रेमी से कोर्ट में शादी कर ली और फोन कर अपने परिवार को इसकी जानकारी दे दी।
नवंबर में तय थी शादी
युवती के पिता मनोज कुमार गोस्वामी का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी बहुत ही अच्छे परिवार में तय कर दी थी। लड़के वाले भागलपुर के रहने वाले हैं और लड़का सरकारी टीचर है। छह लाख रुपये में रिश्ता तय हुआ था और इसी साल नवंबर महीने में शादी की तारीख भी पक्की थी।
पिता ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, मैंने बेटी को पढ़ाया-लिखाया, बड़ा किया और वो हमलोगों का सिर झुकाकर चली गई। भगवान करे ऐसी बेटी किसी को न मिले। अब मैं लड़के वालों को क्या बोलूंगा और किस मुंह से उनसे बात करूंगा।
जिंदा बेटी का पुतला बनाकर किया अंतिम संस्कार
बेटी के इस कदम से आहत परिजनों और ग्रामीणों ने एक पंचायत बुलाई थी, जिसमें दोनों पक्षों को बुलाकर मामले को सामाजिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने रिया का एक पुतला तैयार किया, उस पर उसकी तस्वीर लगाई और ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाते हुए उसकी अंतिम यात्रा निकाली। पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने ही उस पुतले को मुखाग्नि दी। परिवार ने यह भी घोषणा कर दी है कि अब रिया उनके लिए मर चुकी है और वे परंपरा के मुताबिक उसका 10वें से 13वें दिन तक का श्राद्ध-पिंडदान भी करेंगे। ग्रामीणों का तर्क है कि समाज में ऐसा कृत्य करने वालों के लिए यह एक कड़ा संदेश है।

