Modi Government On Cyberbullying: साइबर धोखाधड़ी यानी साइबरबुलिंग पर मोदी सरकार नया कानून नहीं लाएगी। मोदी सरकार ने संसद में लिखित जवाब देकर इसकी जानकारी साझा की है। सरकार ने कहा कि वर्तमान में IT Act, 2000 और IT Rules, 2021 के तहत कार्रवाई की जा रही है। ये कानून साइबर अपराध के लिए काफी है। लिहाजा अभी साइबर अपराध पर कोई नया कानून लाने का विचार नहीं हैं।
आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा कि सरकार बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज़ से जुड़े रिस्क को जानती है। जिसमें नुकसानदायक कंटेंट, साइबरबुलिंग, ऑनलाइन एक्सप्लॉइटेशन और डिजिटल एडिक्शन शामिल हैं। फिलहाल इन अपराधों के लिए वर्तमान कानून मजबूत है।

सरकार ने संसद में Deepfake और AI से तैयार फर्जी कंटेंट से निपटने के लिए मौजूदा नियमों के सख्त अनुपालन पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि महिलाओं, बच्चों या किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक, फर्जी, उत्पीड़नकारी या हानिकारक कंटेंट पर नियमानुसार कार्रवाई करें। ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी अकाउंट, Deepfake या अन्य साइबर अपराध की शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर दर्ज की जा सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए गुमनाम (Anonymous) शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है। साइबर अपराध की रोकथाम और क्षमता निर्माण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹132.93 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई है। साइबर अपराध को रोकने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को साइबर अपराध की जांच और रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

