कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया हैं. उन्होंने लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इस कदम के बाद सिद्धारमैया प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित कर रहे हैं. उनके साथ इस समय DK शिवकुमार भी मौजूद हैं. इससे पहले सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया था. सिद्धारमैया ने इस मीटिंग में अपने कैबिनेट सहयोगियों को धन्यवाद दिया और तीन साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी सामने रखा. सीएम सिद्धारमैया ने इसी मीटिंग में इस बात का ऐलान भी कर दिया था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं.
इस ऐलान के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, इसके बाद सीएम ने उन्हें गले लगा लिया. कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि मीटिंग में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी। वह अगले सीएम होंगे.
राज्यपाल से मुलाकात के लिए मांगा था समय
सिद्धारमैया ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए दोपहर ढाई बजे का समय मांगा था. सिद्धारमैया ढाई बजे लोकभवन पहुंचकर सीएम पद से अपना इस्तीफा देने पहुंचे. लेकिन इस बीच एक नया ट्विस्ट आ गया. राज्यपाल बेंगलुरु में मौजूद ही नहीं थे. ऐसे में सिद्धारमैया अब अपना इस्तीफा राज्यपाल के प्राइवेट सेक्रेटरी को सौंप दिया.
‘आलाकमान ने जो कहा वो किया…’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान सिद्धारमैया ने कहा, ‘हाई कमान के पहले ही इस्तीफा देने के लिए कहने के बाद, मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है. हमारे पास पूर्ण बहुमत है। इसलिए, यह संवैधानिक है कि मुख्यमंत्री को (सरकार बनाने की) अनुमति दी जाए. मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का तहे दिल से आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे यह अवसर प्रदान किया.’

सिद्धारमैया ने कहा, ‘राज्यपाल अभी बेंगलुरू में नहीं हैं. आज देर रात आएंगे, ऐसा मुझे उनके कार्यालय ने बताया है. इसलिए इस्तीफे को उनके दफ्तर में उनके सचिव को देकर आया हूं. मैंने पहले से ही कहा था, कई बार ये बात कही है कि पार्टी हाईकमान जब भी मुझे निर्देश देगा, तब मैं इस्तीफा दे दूंगा. उसी तरह से परसों हाईकमान की ओर से इस्तीफा देने के निर्देश दिए गए थे. उसी दिन मैंने कहा था परसों में इस्तीफा दे दूंगा और आज मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है.
राज्यपाल जब वापस लौट आएंगे तब मेरे इस्तीफे पत्र को मंजूरी दे देंगे. ऐसा मुझे विश्वास है और उन्हें ऐसा करना ही होगा. इसके साथ ही सिद्धारमैया ने कहा कि मेरे लिए राज्य का हित सबसे ऊपर है.


