चुनाव आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण को लेकर चलाए जा रहे एसआईआर अभियान के तहत चार राज्यों की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. ये राज्य ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम है. इन राज्यों में से SIR प्रक्रिया के तहत 22 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा अपना नाम जुड़वाने का मौका दिया जाएगा.
चुनाव आयोग के अनुसार, ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम में SIR अभियान के तहत मतदाता सूची की जांच की गई, जिसके बाद 22 लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.
पिछले साल जून में ही चुनाव आयोग ने SIR अभियान की शुरुआत की थी. यह अभियान बिहार, बंगाल, असम, और यूपी जैसे राज्यों में संपन्न हो चुका है. इस अभियान के अंतर्गत बिहार में 65 लाख, बंगाल में 37 लाख और उत्तर प्रदेश में 25 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं.
ओडिशा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन के अनुसार 20 लाख से अधिक लोगों के नाम
हटा दिए गए, जिनमें 8.3 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी, 10 लाख लोग स्थानांतरित या फिर अनुपस्थित मिले और 1.5 लाख लोग कई जगह पर पंजीकृत मिले.

मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि 7,394 मतदाताओं के नाम एक से ज्यादा जगहों पर पाए गए और 43,000 मतदाता मृत. 1,08,283 मतदाता ऐसे है जिनकी जानकारी ठोस तरीके से नहीं मिल पाई है. राज्य में 19,34,399 मतदाता है, जिनमें पुरुष मतदाता 9,40,466 और महिला मतदाता, 9,93,660 और तृतीय लिंग के मतदाता महज 294 हैं.
मिजोरम में मतदाता सूची से 46,000 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कि चारों राज्यों में से मिजोरम में सबसे कम 5.2% ही हटाए गए है.
सिक्किम में पहले राज्य में 4.7 लाख मतदाता थे जो अब इस अभियान के चलाए जाने के बाद से सूची में 4.3 लाख मतदाता हैं.
हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा अपना नाम जुड़वाने का मौका दिया जाएगा. सभी दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.


