खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के थाना छुईखदान पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल और एनसीआरबी से प्राप्त इनपुट के आधार पर की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा छुईखदान के एक खाताधारक दीपक निर्मलकर के बैंक खाते में देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 1.69 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ है।
जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी दीपक निर्मलकर ने अपना बैंक खाता ₹12,000 प्रतिमाह किराये पर राहुल जंघेल को दिया था। इस खाते का उपयोग महाराष्ट्र के मुंबई स्थित पलावा सिटी के एक किराए के फ्लैट से ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन राहुल देवांगन द्वारा किया जाता था, जो इसमें जुड़े लोगों को वेतन भी देता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से “फेयर प्ले”, “रेड्डी अन्ना”, “जयराम” और “शिवा बुक” जैसे ऑनलाइन सट्टा एप्स के जरिए विभिन्न राज्यों में अवैध गतिविधियां चला रहे थे। इन खातों में अवैध रूप से जमा धनराशि को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांजेक्शन किया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 19 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 14 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप जब्त किया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 5.50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा खातों में मौजूद 5 लाख रुपये को भी फ्रीज किया गया है, जिससे कुल 10.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक निर्मलकर, राहुल जंघेल, राहुल देवांगन और विजय कुमार साहू शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि मुंबई से संचालित इस नेटवर्क को बाद में बंद कर दिया गया, लेकिन आरोपी अपने-अपने जिलों में रहकर गतिविधियां जारी रखे हुए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।


