
लाइफस्टाइल डेस्क। हवा में आजाद पंछी की तरह उड़ने का हर किसी का सपना होता है और इस सपने को पूरा करने के लिए पैराग्लाइडिंग से बेस्ट ऑप्शन नहीं हो सकता। आप खुद ही कल्पना करके देखिए कि आप हवा में उड़ रहे हैं और आसपास चारों तरफ खुला आसमान है। इसका अनुभव ही हमें जन्नत जैसा फील करा देता है, फिर क्यों न एक बार इस एडवेंचर का मजा ले लिया जाए।
बीर-बिलिंग, हिमाचल प्रदेश
बीर-बिलिंग हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले में जोगिंदर नगर नामक घाटी में स्थित है। यह जगह भारत की पैराग्लाइडिंग राजधानी कही जाती है। इसमें बिलिंग पैराग्लाइडिंग की टेक ऑफ और बीर लैंडिंग साइट है। ऊंचाई की बात करें तो इस जगह से उड़ान करीब 2400 मीटर की ऊंचाई से शुरू होती है। साल में अक्टूबर से जून तक का महीना यहां जाने के लिए अच्छा समय है।
सोलांग घाटी, हिमाचल प्रदेश
सोलांग घाटी हिमाचल प्रदेश की दूसरी सबसे फेमस पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशन है। अगर आप पहली बार पैराग्लाइडिंग करने की सोच रहे हैं और बीर-बिलिंग से थोड़ा मीडियम एल्टीट्यूड की तलाश कर रहे हैं तो यह जगह बेस्ट ऑप्शन हो सकती है। शॉर्ट फ्लाई के लिए इसकी ऊंचाई 2500 मीटर यानी 8000 फीट है।
नैनीताल, उत्तराखंड
उत्तराखंड में भी पैराग्लाइडिंग का अनुभव लिया जा सकता है, अपने सफर को रोमांचक बनाने के लिए नैनीताल का रुख करें। बताते चलें कि यह सुविधा नैनीताल में नहीं बल्कि इसके पास स्थित भीमताल और नौकुचियाताल में उपलब्ध है। पर्यटक यहां हजारों फीट की ऊंचाई से बर्फीले पहाड़ों और हरे-भरे जंगलों को देखने का बहतरीन अनुभव ले सकते हैं।
गंगटोक, सिक्किम
भारत के उत्तर पूर्व में सिक्किम की राजधानी गंगटोक एक ऐसी जगह है जहां पैराग्लाइडिंग की सुविधा सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करती है। अगर आप हिमालय और घाटियों के सुंदर नजारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो यहां का रुख करें। गंगटोक में पैराग्लाइडिंग की उड़ान ‘बुलबुले दारा’ से शुरू होती है जिसकी ऊंचाई 2200 मीटर है।
कामशेत, महाराष्ट्र
हरे-भरे पहाड़ और झीलों का की खूबसूरत नजारों की वजह से महाराष्ट्र का कामशेत किसी जन्नत से कम नहीं। यहां पैराग्लाइडिंग की उड़ानें पवना झील से शुरू होती हैं। वहीं, सबसे फेमस टेक ऑफ प्वाइंट टावर हिल है। यहां की ऊंचाई 900-1200 मीटर की आसपास है। पहली बार पैराग्लाइडिंग का अनुभव लेने वालों के लिए कामशेत बेस्ट जगह हो सकती है।
