रील देखते समय नेटवर्क हुआ गायब, महिला ने पिया कीटनाशक :गुस्से में मोबाइल तोड़ा, इलाज के दौरान मौत

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की लत ने एक महिला की जान ले ली। 52 साल की मंगलो बाई ने रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से गुस्से में कीटनाशक पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दरअसल, शनिवार दोपहर वह खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थी, तभी नेटवर्क गायब हो गया। काफी देर तक रील नहीं चली तो उसने गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटक दिया। इसके बाद कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। अंदर उसने कीटनाशक पी लिया।

पति को जब यह बात पता चली तो उल्टी कराने महिला को गोबर पानी पिला दिया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। यह घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है। वहीं, कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले 8 महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, केराकछार गांव में रहने वाला प्रेमलाल सारथी मजदूरी करता है। वह पत्नी मंगलो बाई (52) और 3 बच्चों का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी।

शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंगलो खाना खा रही थी और साथ में मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक मोबाइल में नेटवर्क चला गया। उसने कुछ देर इंतजार किया, लेकिन नेटवर्क नहीं आया और रील शुरू नहीं हुई। इससे वह गुस्सा हो गई और मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया। इसके बाद मंगलो कमरे के अंदर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई और बरामदे में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगी।

शुरुआत में परिजनों को लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। लेकिन उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी दुर्गंध आने पर उन्हें शक हुआ। परिजनों ने कमरे की जांच की तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि मंगलो ने कीटनाशक पी लिया है। परिजन तुरंत डायल-112 की मदद से उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने मंगलो को उल्टी कराने के लिए गोबर पानी भी पिलाया था। हालांकि, उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया।

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