कांकेर। जिले के गढ़िया पहाड़ से लगे राजापारा वार्ड में मंगलवार को दोपहर एक साथ दो तेंदुए देखे गए। दोनों तेंदुए चट्टान से नीचे की निगरानी करते तस्वीरों में कैद हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर नरहरपुर वन परिक्षेत्र के ढेकलावन गांव में पिछले 17 दिनों से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरा बांधा जा रहा है, लेकिन तेंदुआ अब तक जाल में नहीं फंसा है। दोनों ही जगहों पर लोगों में भय का माहौल है।
इससे पहले जिले के गढ़िया पहाड़ से सटे राजापारा वार्ड में मंगलवार को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच दहशत फैल गई। वार्ड के कुछ लोग अपने घरों की छत पर थे, तभी उन्होंने पहाड़ की चट्टानों पर दो तेंदुओं को आराम करते हुए देखा। एक तेंदुआ ऊपर वाले बड़े पत्थर पर बैठा था और दूसरा उससे नीचे वाले पत्थर पर। दोनों तेंदुए पूरी तरह शांत थे और आसपास के माहौल पर नजर रख रहे थे। कुछ देर बाद दोनों तेंदुए घने जंगल की ओर चले गए। वार्डवासियों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वार्डवासियों में दहशत, पहले भी दिखते रहे हैं तेंदुए
गढ़िया पहाड़ के आसपास बसे राजापारा वार्ड में तेंदुओं को एक साथ देखे जाने के बाद डर का माहौल है। वार्ड के लोगों का कहना है कि यहां पहले भी तेंदुए दिखाई देते रहते हैं, लेकिन एक साथ दो तेंदुए देखकर सभी घबरा गए हैं।
गढ़िया पहाड़ है वन्यजीवों का कॉरिडोर
वन विभाग के अनुसार गढ़िया पहाड़ क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है। यह इलाका वन्यजीवों के आने-जाने का प्राकृतिक रास्ता भी है। यहां पहले भी तेंदुए, भालू और अन्य जंगली जानवर देखे जा चुके हैं। बारिश के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में जंगली जानवर आबादी क्षेत्र के करीब आ जाते हैं।


