‘हम दुनिया को…’, भारत की धरती से यूरोपीय संघ चीफ उर्सुला वॉन का ट्रंप को सीधा मैसेज

Ursula von der Leyen On India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील समझौते पर अंतिम मुहर लगाने के लिए EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर हैं। उर्सुला वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस दौरान भारत की धरती से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को भी सीधा मैसेज दिया। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अहम बयान देते हुए कहा कि भारत और यूरोप ने रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का स्पष्ट विकल्प चुना है। उन्होंने इस प्रस्तावित समझौते को दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया।

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता से पहले वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप की यह साझेदारी पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश दे रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘भारत और यूरोप ने एक स्पष्ट विकल्प चुना है,रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का विकल्प। अपनी ताकतों का लाभ उठाना और आपसी समझ बनाना। हम एक विभाजित दुनिया को दिखा रहे हैं कि यह रास्ता भी संभव है।

इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगा। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आगामी चर्चा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी।

136 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। यूरोपीय संघ, एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें करीब 76 अरब डॉलर का निर्यात और लगभग 60 अरब डॉलर का आयात शामिल है।

‘सभी समझौतों की जननी’

इससे पहले 20 जनवरी को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान भी वॉन डेर लेयेन ने इस प्रस्तावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐसे ऐतिहासिक व्यापार समझौते की दहलीज पर हैं, जिससे दो अरब लोगों का विशाल बाजार बनेगा और जो वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने इस समझौते को “सभी समझौतों की जननी” करार दिया था।

गणतंत्र दिवस समारोह में EU के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि

गौरतलब है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं एंटोनियो कोस्टा ने भारत को यूरोपीय संघ का एक अहम साझेदार बताया। यूरोपीय संघ के एक संक्षिप्त बयान में कोस्टा के हवाले से कहा गया, “साथ मिलकर हम नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने की क्षमता और जिम्मेदारी साझा करते हैं।

error: Content is protected !!