बिलासपुर। शादी का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा सरकंडा पुलिस ने किया है। इस मामले में गिरोह की सरगना तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आरोपित ने देवनंदन नगर फेज-1 में “विवाह गाइड डॉट कॉम” के नाम से फर्जी कार्यालय संचालित कर रखा था।
म्यूल खाते से मिला सुराग
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त लेयर-1 म्यूल खातों की जांच के दौरान सरकंडा पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली। भारतीय स्टेट बैंक में खुले इस खाते में बिहार के पटना निवासी मिश्री लाल मुखिया से 10 हजार रुपये जमा कराए गए थे। इस ट्रांजैक्शन ने पुलिस को पूरे मामले तक पहुंचाया।
मां के खाते का किया इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि खाताधारक कल्पना बर्मन के खाते का उपयोग उसकी बेटी तरुणा खरे की ओर से ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपित ने खुद के बजाय अपनी मां के नाम पर सिम और बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया, ताकि वह कानून की नजरों से बच सके।
फर्जी ऑफिस से चल रहा था नेटवर्क
तरुणा खरे ने अपने साथियों के साथ मिलकर देवनंदन नगर के पॉश इलाके में एक कार्यालय खोला था। यहां से गिरोह के सदस्य मेट्रोमोनियल साइट्स पर सक्रिय युवकों से संपर्क कर उन्हें बेहतर जीवनसाथी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम वसूली जाती थी।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बना रहा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह ने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।
आगे की जांच जारी
सरकंडा पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साइबर सेल और एसीसीयू की मदद से म्यूल खातों को ट्रैक कर इस रैकेट का पर्दाफाश किया गया। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।






