‘तूफान आ रहा है, उसे कोई रोक नहीं पाएगा…’, डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट से मची हलचल

Donald Trump On Iran-US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर जो लिखा है, उसने हलचल मचा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा कि तूफान आ रहा है (storm is coming), उसे कोई रोक नहीं पाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस पोस्ट के बाद हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने ये पोस्ट उस समय किया है, जब एक दिन पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप का नाम देते हुए नया नक्शा सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

ट्रंप के इस बयान के बाद यह भी चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने कम समय में बड़े हमले करने की योजना तैयार कर रखी है, जिसमें ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। यही वजह है कि ट्रंप के इस पोस्ट को लेकर आशंका और बढ़ गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर इमेज किया शेयर

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नाम बदलकर स्ट्रेट ऑफ ट्रंप (Strait Of Trump) करके उसका इमेज सोशल मीडिया पर शेयर किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस नक्शे पर जियो पॉलिटिक्स में कोहराम मच गया है। यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ बताया है। पिछले महीने फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि हम इस बारे में समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। अगर हम कुछ कर सके तो अच्छा होगा। लेकिन उन्हें ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ को खोलना होगा। मेरा मतलब है, होर्मुज स्ट्रेट। माफ कीजिए, मुझे खेद है। कितनी बड़ी गलती हो गई। फर्जी न्यूज़ कहेंगी कि ट्रंप ने गलती से कह दिया। मेरे साथ कोई गलती नहीं होती। ऐसा बहुत कम ही होता है।

ट्रंप का दावा – ‘भारी दबाव में ईरान’

इधर ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस समय भारी दबाव में है और बातचीत करने के लिए काफी उत्सुक है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक उनकी सख्ती की वजह से ईरान अब घुटने टेकने लगा है और जल्द से जल्द मामला सुलझाना चाहता है। वह फिलहाल पाबंदियां हटाने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि उनका टारगेट ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, नाकेबंदी अमेरिका के लिए एक मजबूत हथियार है, जिसका इस्तेमाल वे ईरान से अपनी शर्तें मनवाने के लिए कर रहे हैं।

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