सूरजपुर। रामानुजनगर पुलिस ने आठ दिनों के भीतर एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या उसके ही बेटे ने की थी और अपने मौसा और दोस्त की मदद से शव को बोरे में बांधकर सुनसान इलाके में फेंक दिया गया था। पूरा मामला बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के चिरमी बचरापोड़ी का है।
पुलिस के अनुसार, 10 जून की रात हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया और 11 तारीख की रात आरोपियों ने शव को बोरे में भरकर फेंक दिया था। दो दिन पहले शव की पहचान 45 वर्षीय शिव प्रसाद सिंह (गोंड), निवासी चिरमी बचरापोड़ी, थाना बैकुंठपुर के रूप में हुई थी।
जांच में सामने आया कि शिव प्रसाद सिंह की हत्या उसके घर चिरमी परसापारा में ही की गई थी। आरोपियों ने टांगी और लोढ़ा से वार कर मौत के घाट उतारा था। इसके बाद शव को बोरे में बांधकर दूसरे स्थान पर ले जाकर फेंक दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश मृतक के बेटे ने रची थी। वारदात को अंजाम देने में उसके मौसा और एक दोस्त ने भी साथ दिया। वहीं, आरोप है कि मृतक की मां ने साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया, जिससे मामले की जांच प्रभावित हो सके।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अक्सर गाली-गलौज, मारपीट और प्रताड़ना करता था। लगातार हो रहे घरेलू विवाद और हिंसा से परेशान होकर बेटे ने मौका मिलते ही अपने पिता की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। रामानुजनगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और घटना स्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर महज आठ दिनों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।


