Delhi Blast 2025: दिल्ली कार ब्लास्ट (Delhi Blast ) के मुख्य आरोपी उमर नबी का एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें वह आत्मघाती हमले को जायज ठहराने की कोशिश करता दिख रहा है। लगभग 1 मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में उमर एक कमरे में अकेला कैमरे के सामने बैठा अंग्रेजी में बात कर रहा है। वीडियो में वह कहता है कि ‘इस्लाम में सुसाइड हराम है, लेकिन बॉम्बिंग जायज।’
जांच एजेंसियां पड़ताल कर रहीं
उमर नबी आगे आत्मघाती हमलों की मानसिकता पर बात करते हुए दावा करता है कि जब कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु को निश्चित मान लेता है, तो वह खतरनाक मानसिक स्थिति में पहुंच जाता है और उसे मौत ही अपनी मंजिल लगने लगती है।
उमर यह भी स्वीकार करता है कि ऐसी सोच किसी भी लोकतांत्रिक या मानवीय व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती।
क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। वीडियो सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इसकी गहनता से पड़ताल कर रही हैं। टीमें यह भी खंगाल रही हैं कि क्या उमर ने ऐसे और वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे।
30 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई
उधर, व्हाइट कॉलर टेररिज़्म और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार राज्यों में 30 लोकेशंस पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। यह कार्रवाई हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की जा रही है।
9 शेल कंपनियां एक ही पते पर रजिस्टर्ड
ईडी अल फलाह ट्रस्ट, उससे जुड़े संस्थानों और वित्त-प्रशासन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। ग्रुप से जुड़ी नौ शेल कंपनियां, जो एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं, वो भी जांच के दायरे में हैं। शुरुआती जांच में इन कंपनियों में वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले।
कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय में सुरक्षा एजेंसियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। इसमें आईबी, ईडी और एनआईए के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
इनपुट्स को बेहद सतर्कता से खंगाला जाए
उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया था कि दिल्ली ब्लास्ट और आतंकियों का “व्हाइट कॉलर टेररिज्म” से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के हर इनपुट्स को बहुत सतर्कता से खंगाला जाए। इसके लिए ईडी और एनआईए को विशेष तौर पर जांच करने का ग्रीन सिग्नल दिया गया था।

