डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर डॉक्टर से 19 लाख की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

​आरा। साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भोजपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड उपेंद्र सिंह को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। एसपी राज के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने आरोपी को दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके से दबोचा। उपेंद्र मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का निवासी है।

​एटीएस अधिकारी बनकर डराया

​साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि 26 जून 2025 को आरा सदर अस्पताल के डॉक्टर राम निवास को एक फोन आया। कॉलर ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि एक अपराधी के पास से डॉक्टर का आधार कार्ड मिला है और पुणे कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है। गिरफ्तारी के डर से डॉक्टर ने उनके बताए खाते में 19 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। 1 जुलाई को ठगी का एहसास होने पर मामला दर्ज कराया गया।

​बैंक मैनेजर की भी थी मिलीभगत

​जांच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क में बैंक का एक डिप्टी मैनेजर, अविनाश भी शामिल था, जो कमीशन लेकर फर्जी खाते खुलवाने में मदद करता था। ठगी की रकम पहले नागपुर भेजी गई और फिर दिल्ली के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले दलीप कुमार और जिशान खान को पकड़ा था, जिनकी निशानदेही पर मुख्य सरगना उपेंद्र तक पहुंचा जा सका।

​पुलिस टीम की सफलता

​इस ऑपरेशन में डीएसपी स्नेह सेतू, इंस्पेक्टर राकेश रंजन और दरोगा गांधी नाथ पाठक की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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