डिजिटल डेस्क। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच भारत में लॉकडाउन और ईंधन की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पूर्ण विराम लगा दिया है। सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू किरेन रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और जनता को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।
भ्रम की स्थिति क्यों बनी?
दरअसल, यह अफवाह प्रधानमंत्री मोदी के उस हालिया संसद बयान के बाद शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के लंबे प्रभावों की चेतावनी दी थी। उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए एकजुट रहने की बात कही थी, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से ‘लॉकडाउन’ से जोड़कर प्रचारित किया जाने लगा।
रिजिजू ने खबरों को बताया निराधार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जमाखोरों को सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो और कोई भी आवश्यक वस्तुओं की होर्डिंग न करे।
डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना- हरदीप सिंह पुरी
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईंधन की कमी की खबरों को नकारते हुए कहा कि डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है।
वित्त मंत्री ने चर्चाओं पर जताई हैरानी
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजनीतिक गलियारों से उठ रही इन चर्चाओं पर हैरानी जताई। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, “कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन देखा गया था, वैसा कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा।” उन्होंने इन बातों को बेबुनियाद और चिंताजनक बताया।

