Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर जारी है। एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि हुई है। जबकि सीएनजी के दाम भी बढ़े (CNG Price Hike) हैं। पेट्रो कंपनियों ने पेट्रोल पर 87 पैसा और डीजल पर 91 पैसे की बढ़ोतरी की है। इस तरह 9 दिनों में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। इस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 5 रुपये बढ़ चुके हैं। वहीं, सीएनजी भी आज 1 रुपए महंगी हो गई है। सीएनजी 9 दिन में 4 रुपय़े मंहगी हो चुकी है।
ईंधन की कीमतों में 9 दिन में यह तीसरी बढ़ोतरी है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि, 15 मई को भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर से 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये से 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा CNG अब 81.09 रुपए प्रति किलो हो गई है। नई बढ़ोतरी के बाद मुंबई में 108.49 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में 110.64 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में 105.31 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल का भाव है। वहीं, मुंबई में डीजल का रेट 95.02 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में 96.98 रुपए प्रति लीटर और कोलकाता में 97.02 रुपए प्रति लीटर है।

15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी का दौर जारी
15 मई की सुबह 6 बजे से सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव किया था। एक झटके में पेट्रोल 3 रुपये और डीजल भी 3 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया था। उस दिन दिल्ली में पेट्रोल का दाम 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया था। वहीं डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। दूसरी बार 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं अब पेट्रो कंपनियों ने तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है।
की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है।
भारतीय लोगों पर क्या होगा असर
ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।


